निधि पांडेय : महिलाओं को जोड़ रही कांग्रेस में

देश में इन दिनों कांग्रेस की जो स्थिति है, उसे देखते हुए कई लोग भविष्यवाणी करते हैं कि कांग्रेस अब अपनी अंतिम सांसें गिन रही है लेकिन इस घने अंधेरे के बीच निधि पांडेय जैसी समर्पित कांग्रेस नेता हैं जो परिणाम की परवाह किए बगैर बिहार में कांग्रेस की मजबूती के लिए काम कर रही हैं।

 

निधि पांडेय बिहार के जाने माने कांग्रेसी परिवार से आती हैं।निधि पांडेय के नाना स्वर्गीय जगदीश ओझा रोहतास जिले की नोखा विधानसभा सीट से विधायक हुआ करते थें। निधि अपने स्वर्गीय नानाजी की कांग्रेसी विरासत को संभालने की कोशिशों में जुटी हुई हैं।

निधि पांडेय हाशिए पर पड़े समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को लगातार कांग्रेस से जोड़ने का काम कर रही हैं। निधि का कार्यक्षेत्र वैसे तो पूरा बिहार है लेकिन शुरुआती दौर में वो राजधानी पटना के गंगा नदी के दियारा क्षेत्र की महिलाओं के बीच सदस्यता अभियान चला रही हैं।

निधि इन महिलाओं के बीच जाती हैं और उन्हें बताती हैं कि कैसे कांग्रेस ने ब्रिटिश साम्राज्य से मुकाबला किया और देश को आज़ादी दिलाई। निधि सबको कांग्रेस के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की याद भी दिलाती हैं।

अपने पक्ष को मजबूत बनाने के लिए निधि सबको इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, संजय गांधी जैविक उद्यान और इंदिरा गांधी तारामंडल की याद दिलाती हैं कि कैसे कांग्रेस ने बिहार के विकास के लिए काम किया है।

निधि जाति और धर्म की राजनीति को देश-प्रदेश के विकास के लिए बाधक मानती हैं। निधि पांडेय ने प्रेस जागरण की टीम को बताया कि मैं इन महिलाओं को सिर्फ राजनीति से नहीं बल्कि विकास और रोजगार की धारा से जोड़ना चाहती हूँ। इनके बीच छोटे छोटे उद्योगों के लिए माहौल तैयार करना चाहती हूं। मेरी कोशिश है कि इन सबका जीवन संवर जाए और इनके बच्चे पढ़ लिख कर अपना बेहतर भविष्य बना सकें।

निधि ने कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि सोनिया जी के त्याग और बलिदान ने मुझे राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया है।

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