आरपीएन के दल बदलने के बाद BJP के ब्राह्मण नेता कर सकते हैं बगावत… पढ़िए रिपोर्ट

कभी कांग्रेस के बड़े नेता रहे आरपीएन सिंह अब भाजपा में हैं. द वायर की रिपोर्ट के अनुसार आरपीएन ने बीजेपी नेतृत्व से कुशीनगर जिले की सात में से तीन सीटों पर अपना दावा जताया है. इन सीटों में पडरौना, हाटा और खड्डा शामिल है. आरपीएन इन तीनों सीटों पर अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा सकते हैं.

कांग्रेस ने आरपीएन के करीबी मनीष जायसवाल को पडरौना से उम्मीदवार घोषित कर दिया था. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह को खड्डा से उम्मीदवार बनाए जाने की तैयारी थी लेकिन इन दोनों ने ही आरपीएन सिंह के साथ अपनी वफादारी दिखाते हुए कांग्रेस छोड़ दी है. अब उम्मीद जताई जा रही है कि ये लोग बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे.

बात करें पिछले विधानसभा चुनाव की तो पडरौना, हाटा और खड्डा इन तीनों सीटों पर बीजेपी चुनाव जीती थी. पडरौना की सीट से आरपीएन सिंह चुनाव लड़ सकते हैं. यहां पर बीजेपी के लिए कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन हाटा और खड्डा सीट पर आरपीएन सिंह के पंसदीदा उम्मीदवार की बात पर बीजेपी में बड़ी बगावत हो सकती है.

बता दें कि कुशीनगर बीजेपी में ब्राह्मण ही सबसे मजबूत व महत्वपूर्ण दावेदार होते रहे हैं. फिलहाल में कुशीनगर और खड्डा में ब्राह्मण ही बीजेपी से विधायक हैं. अब अगर आरपीएन सिंह अपने लोगों को बीजेपी में प्रत्याशी बनवाते हैं तो जाहिर तौर पर उन्हें भीतरघात का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में बीजेपी और आरपीएन के उम्मीदवारों को परेशानी होगी.

कुशीनगर की ही तमकुही राज सीट भाजपा गठबंधन में निषाद पार्टी को चली गई है. भाजपा के लोकल नेता इस वजह से काफी परेशानी में हैं. आरपीएन के कांग्रेस से बीजेपी में आने के बाद इन सभी को अपना राजनीतिक वजूद संकट में नजर आ रहा है.

आरपीएन सिंह के दल बदलने के बाद जिस तरह की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आया है, उससे यहां मुकाबला दिलचस्प हो गयाह े. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी इसी जिले से आते हैं और तमकुही राज से विधायक भी हैं. वह भी अब ऐसे नए खिलाड़ियों की तलाश कर रहे हैं जो आरपीएन के उम्मीदवरों को जबर्दस्त चोट दे सके.

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