राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने अन्य दलों को दिया झटका।

राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने मारी बाजी और वहीं अन्य पार्टीयों को दिया झटका। आपको बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश में बसपा, सपा और निर्दलीय के तीन विधायक हुए बीजेपी में शामिल। जिनमें बसपा विधायक संजीव सिंह, सपा विधायक बबलू शुक्ला और निर्दलीय विधायक विक्रम राणा शामिल हैं।

जिसके बाद से इसे होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की वोट वैल्यू बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने बसपा,सपा तथा निर्दलीय पार्टी के तीनों विधायकों को सदस्यता दिलाई।

तीनों विधायकों की सदस्यता लेने के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पहले के तुलना में काफी विकसित हुआ है तथा इसके साथ ही आगे भी गया है।

आगे उन्होंने कहा हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी और इतना ही नहीं इस पार्टी का लगातार विस्तार हो रहा है। प्रदेश में भी समाज के सभी वर्गों में पार्टी की पहुंच लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने आगे 2018 में हुए चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी की 109 सीट आई थी। उस समय कांग्रेस पार्टी को भी बहुमत ज्यादा मिला नहीं था। उस दौरान विक्रम राणा जी बीजेपी में शामिल होने आ रहे थे, परंतु मैंने कहा था कि जिनके पास ज्यादा सीट है वो सरकार बनाए। हालांकि बाद में सरकार भी केवल 15 महीने ही चली थी। कारण हम सभी जानते हैं।

संजीव सिंह ने भाजपा छोड़कर बसपा से 2013 का विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं सके थे। 2018 में उन्होंने 35 हजार से ज्यादा वोट से जीत हासिल की थी। संजीव बीजेपी में भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश पदाधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। संजीव ने अपने पिता के साथ 2013 में बसपा ज्वाइन की थी। संजीव ने कहा कि मैं बीच में भटक गया था लेकिन वापसी से खुश हूं।

राजेश कुमार शुक्ला छतरपुर जिले की बिजावर विधानसभा सीट से सपा के विधायक हैं। आपको बता दें कि राजेश शुक्ला ने 2018 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पुष्पेंद्रनाथ पाठक को हराया था। आगे शुक्ला ने कहा कि वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उनकी इच्छा उस समय पूरी नहीं हुई। लेकिन आज भाजपा के साथ जुड़कर काम करने का मौका मिला और इस बात की खुशी है।

वहीं विक्रम सिंह राणा सुसनेर विधानसभा से निर्दलीय विधायक है। विक्रम सिंह 2018 से ही मुख्यमंत्री के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि वह चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के साथ काम करना चाहते थे, लेकिन उस समय मुख्यमंत्री ने सरकार नहीं बनाने की बात कहकर मना कर दिया था। उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर काम करेंगे।

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