पिता द्वारा PUBG खेलने से मना करने पर बेटे ने की खुदकुशी।

Iiआजकल नई पीढ़ियों में गेम का काफी क्रेज़ देखने को मिलता है, ख़ास करके PUBG को लेकर जिसे बच्चों से लेकर युवाओं भी बेहद गंभीरता से खेलते है और इतना ही नहीं गेम के प्रति बच्चे इतने ज्यादा गंभीर है,कि आए दिन कुछ ना कुछ दुर्घटनाएं हो रही है।

ठोड़े दिन पहले ही उत्तरप्रदेश से यह खबर आई थी कि गेम खेलने से मां द्वारा मना करने पर बेटे ने मां की गोली मारकर हत्या कर दी और अब फिर से PUBG से जुड़ी एक खबर आई है, बता दें कि बिहार के पटना में एक व्यक्ति ने अपने बेटे को पबजी मोबाइल गेम खेलने से मना किया तो गुस्से में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मोबाइल गेम की ग़लत आदत आज के बच्चों को इतनी तेज़ी से लग रही है कि, बच्चे तो बच्चे,किशोर और यहां तक कि अब युवाओं को भी यह लत लग गई हैं जिसके वजह से लोग खौफनाक कदम उठा लेते हैं। PUBG गेम के शिकार हुए बच्चे कभी खुद की जान जोखिम में डाल रहे हैं तो कभी अन्य लोगों की जान लेने की कोशिश कर रहे हैं।

अधिकतर इससे जुड़ी ख़बरें पढ़ने तथा देखने को मिलती हैं। ताजा मामला पटना जिले के अथमलगोला का है। खबर के मुताबिक अथमलगोला थाना इलाके के बहादुरपुर गांव में रहने वाले राजा कुमार नामक एक लड़के को PUBG खेलने की लत थी। पिता रमाकांत अपने बेटे को कई बार मना कर चुके थे पबजी खेलने के लिए लेकिन इसके बावजूद उनका बेटा नहीं छोड़ रहा था गेम खेलना।

बीते रविवार को जब फिर से पिता ने गेम खेलने से मना किए तो इस बात से नाराज होकर युवक ने फांसी लगाकर रविवार को खुदकुशी कर ली। जिसके बाद थाने में अप्राकृतिक मृत्यु का केस दर्ज कराया गया है।

PUBG की लत के वजह से ना केवल बच्चे बर्बाद हो रहे हैं बल्कि उनका भविष्य भी खतरे में है या फिर ये कहे कि अपने हाथों ही युवा अपने भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। इस विषय पर विशेषज्ञों का भी यह दावा है कि PUBG गेम एक नशा बनता जा रहा है तथा इसके लत से बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य तो कमजोर हो ही रहा है और इसके साथ-साथ ही बच्चों के सोचने-समझने की क्षमता पर भी काफी गहरा असर पड़ रहा है। गेम से उनका कहीं ना कहीं शारीरिक विकास भी रुक रहा है जिसके कारण उनका आने वाला कल अंधकार की तरफ जा रहा है।

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