तेजप्रताप की तेजस्वी को चुनौती…. अब बिहार में खेला होबे

स्टार प्रचारकों की सूची से नाम गायब होते ही तेजप्रताप ने खेला शुरु कर दिया है. पश्चिम बंगाल में खेला होने के बाद अब आरजेडी में खेला शुरु है. तेजप्रताप ने तेजस्वी यादव को हैसियत बताने का खेल शुरु कर दिया है. तेजप्रताप ने जो खेला शुरु किया है, उससे आरजेडी के सपने चकनाचूर हो सकते हैं.

तेजप्रताप यादव आरजेडी की परेशानी बढ़ाते ही जा रहे हैं. तेजप्रताप यादव ने तारापुर विधानसभा क्षेत्र से अपना निर्दलीय प्रत्याशी उतार दिया है. संजय कुमार यादव नामक एक उम्मीदवार को तेजप्रताप ने अपना समर्थन दिया है. अब यह खबर है कि तेजप्रताप यादव संजय कुमार यादव के लिए प्रचार करेंगे.
संजय कुमार यादव ने सोशल मीडिया के जरिए यह बताया कि मैं भले ही निर्दलीय उम्मीदवार हूं लेकिन मैं तेजप्रताप यादव का उम्मीदवार हूं. संजय कुमार ने कहा कि मैं पिछले 20 सालों से तारापुर विधानसभा क्षेत्र में काम कर रहा हूं. मुझे तेजप्रताप जी की छात्र जनशक्ति परिषद का उम्मीदवार माना जाए.

संजय कुमार यादव ने बताया कि अभी उनकी पार्टी छात्र जनशक्ति परिषद को चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हुआ है, इस वजह से उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी की हैसियत से नामांकन करना पड़ा है.

बता दें कि संजय कुमार यादव वर्ष 2010 में कांग्रेस के टिकट पर तारापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं. उन्हें उस चुनाव में 18 हजार से भी ज्यादा वोट प्राप्त हुए थें. संजय कुमार यादव के चुनाव लड़ने का यह नतीजा हुआ था कि आरजेडी के कद्दावर नेता शकुनी चौधरी को चुनाव हारना पड़ा था. वर्ष 2010 के पूर्व तारापुर आरजेडी और शकुनी चौधरी का गढ़ माना जाता था लेकिन संजय कुमार यादव की वजह से वह गढ़ खत्म हो गया और उसके बाद फिर आज तक न आरजेडी उस सीट पर जीत सकी और न शकुनी चौधरी या उनका परिवार. इसकी वजह साफ है कि संजय कुमार यादव की इस इलाके के यादव वोटरों पर मजबूत पकड़ है.

तेजप्रताप यादव के उम्मीदवार संजय कुमार यादव ने यह दावा किया है कि उन्हें न सिर्फ तेजप्रताप यादव का समर्थन हासिल है बल्कि तेजप्रताप उनके चुनाव प्रचार में भी आएंगे और घर घर जाकर उनके लिए वोट मांगेगे. बस समय का इंतजार करें. मालूम हो कि इसके पहले संजय कुमार यादव दो बार तारापुर सीट से चुनाव लड़ चुके हैं.

तारापुर विधानसभा क्षेत्र में जदयू के कुशवाहा उम्मीदवार के सामने आरजेडी ने वैश्य उम्मीदवार उतार दिया है. आरजेडी को लगता था कि वैश्य, यादव और मुसलमान वोटों की गोलबंदी से आरजेडी यह सीट निकाल सकती है लेकिन जिस तरह से एक मजबूत उम्मीदवार तेजप्रताप यादव के समर्थन से मैदान में उतर गया है, उससे आरजेडी के मंसूबों पर पानी फिर सकता है.

बहरहाल यह देखना ज्यादा दिलचस्प रहेगा कि क्या वाकई तेजप्रताप यादव संजय कुमार यादव के लिए चुनाव प्रचार के लिए तारापुर विधानसभा क्षेत्र में जाते हैं या नहीं ! अगर तेजप्रताप तारापुर प्रचार के लिए जाते हैं तो उनका सामना उनके भाई तेजस्वी यादव से होना तय मान जा रहा है क्योंकि तारापुर सीट पर सबसे बड़े स्टार प्रचारक तेजस्वी यादव ही होंगे.

अब एक बात तो शीशे की तरह साफ हो चुका है कि आरजेडी और लालू परिवार में फूट पड़ चुकी है और तेजप्रताप जिस तरह का मिजाज रखते हैं, वैसे में आने वाले समय में यह पारिवारिक दरार विस्फोट पैदा कर सकती है. चूंकि तेजप्रताप यादव भी लालू प्रसाद यादव के ही बेटे हैं, लिहाजा उनकी बगावत से निपटना आरजेडी के लिए आसान तो कतई नहीं होगा.

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