क्रिप्टोकरेंसी में कैसे करें निवेश फायदे से लेकर, नुकसान तक समझें ……

आज हम जानेंगे क्रिप्टोकरेंसी के बारे में क्योंकि जहां तक मुझे लगता है आज भी बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें क्रिप्टोकरंसी नहीं पता कि क्या होता है इसमें कैसे पैसा निवेश करते हैं, क्या फायदा है इसका और क्या नुकसान है तो आज इस वीडियो में हम इन सभी पहलुओं पर गौर करेंगे…..

सबसे पहले तो हम यह जानेंगे कि आखिर क्रिप्टोकरंसी होता क्या है…..
क्रिप्टोकरेंसी एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित रहने वाली एक डिजिटल करेंसी है. माइनिंग के माध्यम से नई करेंसी या टोकन जेनरेट किए जाते हैं. माइनिंग का मतलब होता है उत्कृष्ट कंप्यूटरों पर जटिल गणितीय समीकरणों को हल करना और इस प्रक्रिया को माइनिंग कहते हैं तथा इसी तरह नए क्रिप्टो कॉइन जेनरेट किये जाते है……..

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हालांकि यह करेंसी हमें दिखाई नई देती हैं, इसलिए यह कैशलेस भुगतान का सबसे एडवांस्ड वर्जन है, और यह डिजिटल फॉर्म में होता है. क्रिप्टोकरेंसी का मुख्य कार्य होता हैं एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में पैसे ट्रांसफर करना और यह कार्य पूर्ण रूप से किया जाता हैं, ब्लॉकचैन के माध्यम से…….
अब यह ब्लॉकचैन क्या है, मन में यह सवाल उठता है . तो आपको बता दें ब्लॉकचैन भी बैंक की तरह ही कार्य करती है. इसमें जो भी लेनदेन किये जाते हैं, उसका पूरा रिकॉर्ड इस ब्लॉकचैन में होता है, जिसके वजह से धोखाधड़ी की संभावनाए भी काफी कम हो जाती हैं……

लेकिन जो निवेशक होते हैं, वो पहले से मौजूद कॉइन्स में ही केवल ट्रेडिंग कर सकते हैं. क्रिप्टो मार्केट में उतार-चढ़ाव का कोई हिसाब नहीं रहता है. मार्केट अचानक उठता है, अचानक गिर भी जाता है, जिसके कारण बहुत से लोगों को फायदा भी होता है और वही बहुत से लोगों को इसका नुकसान भी झेलना पड़ता है, इससे बहुत से लोग लखपति बन चुके हैं, लेकिन वहीं बहुतों ने अपना पैसा भी उतनी ही तेजी से डुबोया है……..

क्रिप्टो एक्सचेंज का एक वर्चुअल माध्यम है. इसे प्रॉडक्ट या सर्विस खरीदने के लिए इस्तेमाल में लिया जा सकता है. जो क्रिप्टो ट्रांजैक्शन होते हैं. उन्हें पब्लिक लेज़र यानी बहीखाते में रखा जाता है और क्रिप्टोग्राफी से सिक्योर किया जाता है.अब इसके बाद मन में सवाल आता है कि आखिर कौन कर सकता है ट्रेडिंग क्या कुछ नॉलेज होना चाहिए इसके लिए…….

ऐसा जरूरी नहीं है कि हर निवेशक क्रिप्टो माइनिंग करता है. अधिकतर निवेशक बाजार में पहले से मौजूद कॉइन्स या टोकन्स में ही ट्रेडिंग करते हैं. क्रिप्टो इन्वेस्टर बनने के लिए माइनर बनना जरूरी नहीं है. आप असली पैसों से एक्सचेंज पर मौजूद हजारों कॉइन्स और टोकन्स में से कोई भी खरीद सकते हैं……..

भारत में ऐसे बहुत सारे एक्सचेंज हैं जो कम फीस या कमीशन में ये सुविधा देते हैं. लेकिन यह जानना जरूरी है कि क्रिप्टो में निवेश जोखिम भरा है और मार्केट कभी-कभी जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखता है. इसलिए फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स निवेशकों से एक ही बार में बाजार में पूरी तरह घुसने की बजाय रिस्क को झेलने की क्षमता रखने की सलाह देते हैं…….

यह समझना भी जरूरी है कि सिक्योर इन्वेस्टमेंट, सेफ इन्वेस्टमेंट नहीं होता है. यानी कि आपका निवेश ब्लॉकचेन में तो सुरक्षित रहेगा लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव का असर इसपर होगा ही होगा, इसलिए निवेशकों को पैसा लगाने से पहले रिसर्च करना अति आवश्यक है…..

क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल आखिर किया कैसे जाता है….
यह डिजिटल कॉइन उसी तरह का निवेश है, जैसे हम सोने में निवेश करके इसे स्टोर करके रखते हैं. लेकिन अब कुछ कंपनियां भी अपने प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज़ के लिए क्रिप्टो में पेमेंट को समर्थन दे रही हैं. इतना ही नहीं कुछ देश तो इसे कानूनी वैधता देने पर विचार भी कर रहे हैं..

यदि आप भी क्रिप्टोकरंसी में निवेश करने जा रहा है तो उससे पहले इन मुख्य पहलुओं को जरूर समझे…..
1. निवेशकों के बीच क्रिप्टो करेंसी की बढ़ती लोकप्रियता के कारण इसमें धोखाधड़ी भी बढ़ गई है. बैंकिंग सेक्टर की तहर डिजिटल करेंसी को लेकर भी कई तरह के साइबर क्राइम देखने को मिल रहे हैं. फर्जी वेबसाइट के जरिए शातिर अपराधी आम लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैं. इसलिए इस तरह के वेबसाइट और चोरों से सतर्क रहने की भी बेहद जरूरत है.

2. कुछ क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट बिना व्हाइट प्रोजेक्ट के काम कर रहे हैं. ऐसे प्रोजेक्ट फ्रॉड हो सकते हैं और उनमें किया जाने वाला निवेश बहुत जोखिम भरा रहता है. इसलिए जरूरी है कि इस तरह के प्रोजेक्ट से दूर रहें.
जो लोग क्रिप्टोकरेंसी प्रोजेक्ट से वाकिफ नहीं हैं. वे जान लें कि इन प्रोजेक्ट की वेबसाइट और व्हाइट पेपर संपर्क और सूचना के सबसे महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं. कई वेबसाइट अन्य साइट्स से कंटेंट चुराकर डाल देती है इसलिए ऐसे फर्जी वेबसाइट्स से दूर रहें.

3. क्रिप्टो प्रोजेक्ट में एक रोडमैप होता है. जिस प्रोजेक्ट में स्पष्ट रूप से परिभाषित रोडमैप नहीं होता है, उसके पास कोई कार्य योजना नहीं होती है और उसे प्राप्त करने के लिए कोई लक्ष्य नहीं होता है. रोडमैप से यह पता चलता है कि क्या प्रोजेक्ट ने अपने पिछले उद्देश्यों को पूरा किया है.
कई क्रिप्टो प्रोजेक्ट मे गुमनामी को अत्यधिक महत्व दिया जाता है और यह क्रिएटर्स के लिए भी सच है. हालांकि निवेश से पहले लोगों को सावधान रहना चाहिए. खासकर तब जब वे क्रिप्टो प्रोजेक्ट या टोकन की टीम के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं.

4. इफेक्टिव मार्केटिंग हर क्रिप्टो प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण फैक्टर है. हालांकि निवेशकों को उन परियोजनाओं से सतर्क रहना चाहिए जो गलत मार्केटिंग करके अपनी तारीफ करते हैं और निवेशकों को मालामाल करने का झांसा देते हैं.

इसलिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले उसके बारे में जानना तो जरूरी है ही इसके साथ ही उससे होने वाले फायदे और नुकसान दोनों के बारे में भी जाना अतीआवश्यक है…

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