अग्निपथ योजना पर झुकी सरकार, जानिए इस नई स्कीम में क्या क्या हुआ बदलाव…

सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए सरकार ने नई ‘अग्निपथ’ योजना का ऐलान किया है। मौजूदा नीति में 20 साल के मुकाबले नए सैनिकों की भर्ती केवल 4 साल के लिए की जाने की बात कही गई है। साथ ही इसके सेना में आने वाले ‘अग्निवीरों’ के लिए पेंशन की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अब इसी के चलते देश भर में उम्मीदवार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती के लिए घोषित अग्निपथ योजना के व्यापक विरोध के बीच सरकार ने बिते गुरुवार को इस योजना के तहत वर्ष 2022 की भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी है।

सरकार ने मंगलवार को अग्निपथ योजना की घोषणा करते हुए कहा था कि सभी नयी भर्तियों के लिए आयु साढ़े 17 से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि पिछले दो वर्षों के दौरान भर्ती करना संभव नहीं हुआ, सरकार ने फैसला किया है कि 2022 के लिए प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया के लिए आयु सीमा में छूट दी जाएगी।’

उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत 2022 की भर्ती प्रक्रिया के लिए ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया गया है। उधर, अग्निपथ योजना के खिलाफ कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन अब भी जारी है।

बिहार समेत कई राज्यों के छात्र अग्निपथ स्कीम के नियमों पर नाराज हैं. उनका कहना है कि अग्निपथ स्कीम में चार साल के कॉन्ट्रैक्ट में सेना में भर्ती किया जाएगा. फिर अनिवार्य रिटायरमेंट दे दी जाएगी और ग्रैजुटी या पेंशन जैसे लाभ भी नहीं मिलेंगे जो कि उनकी नजर में ठीक नहीं है.

वहीं विपक्ष ने भी बृहस्पतिवार को अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र पर अपना हमला तेज करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। इस बीच सरकार ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि नया मॉडल न केवल सशस्त्र बलों में नयी क्षमता पैदा करेगा बल्कि यह युवाओं के लिए निजी क्षेत्र के रास्ते भी खोलेगा और उन्हें अवकाश प्राप्त करने के समय मिलने वाले वित्तीय पैकेज से उद्यमी बनने में भी मदद करेगा।

चलिए समझते हैं कि आखिर यह योजना है क्या और इसमें क्या-क्या बदलाव किए गए हैं…

भारतीय सशस्त्र बलों से संबंधित अग्निपथ योजना एक ऐसी योजना है जिसमें चयनित उम्मीदवारों को चार साल की अवधि के लिए अग्निवीर के रूप में नामांकित किया जाएगा। चार साल की अवधि पूरी होने पर, ये अग्निवीर एक अनुशासित, गतिशील, प्रेरित और कुशल श्रमशक्ति के रूप में अन्य क्षेत्रों में रोजगार पाने के उद्देश्य से अपनी पसंद के पेशे में अपना करियर बनाने हेतु समाज में वापस लौटेंगे।

साढ़े 17 वर्ष से लेकर 21 वर्ष की आयु के बीच अन्य शैक्षिक, शारीरिक और चिकित्सा संबंधी मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को बड़े पैमाने पर अग्निवीर के रूप में नामांकित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य भविष्य में कुछ तकनीकी पेशों के लिए धारक योग्य उम्मीदवारों को नामांकित करके “स्किल इंडिया” की पहल को बढ़ावा देना है।

इस प्रस्ताव के तहत युवाओं को कम अवधि के लिए सेना में कार्य करने का अवसर प्रदान करने की परिकल्पना की गई है। इस कदम के जरिए सशस्त्र बलों में युवाओं और अनुभवी कर्मियों के बीच एक अच्छा संतुलन सुनिश्चित करके एक अपेक्षाकृत अधिक युवा और तकनीकी रूप से सक्षम युद्ध लड़ने वाले सैन्य बल को भी तैयार किया जा सकेगा।




Leave a Reply