अब क्या भ्रष्टाचारी नेता तय करेंगे, देश के ऑफिसर का बर्थ सर्टिफिकेट।

समीर वानखेड़े अपना निजी जंग नहीं लड़ रहा है। बल्कि वह हमारा और आप सबका जंग लड़ रहा है।कौन सी कानून की किताब में लिखी है,कि ड्रग्स मुक्त भारत बनाना जुर्म है। आखिर कब तक एक कुर्सी पर बैठे नेता, देश के ऑफिसर को टारगेट करते रहेंगे। भारत सरकार को हमारी जांच एजेंसियों पर आरोप लगाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

ड्रग्स मामले की लड़ाई जो अब तक कानूनी तरीके से चल रही थी। अब वह एक निजी हमले का रूप ले ली है। कांग्रेस के नेता ना सिर्फ समीर वानखेड़े को टारगेट कर रहे हैं बल्कि साथ ही साथ उनके परिवार के ऊपर भी भद्दे-भद्दे आरोप लगा रहे हैं। अगर कानूनी कार्यवाही को ईमानदारी से करने के लिए ऑफिसर को जेल जाना पड़े, अग्निपरीक्षा देना पड़े तथा अपने ही परिवार के बारे में भद्दे भद्दे कमेंट सुनने पड़े तो कौन ऑफिसर पड़ेगा ड्रग्स जैसे मामलों में और क्यों करेगा जांच। यही वजह है कि भारत अब भी पीछे है, अगर यहां कोई सच का साथ देता है तो सबसे पहले उंगली लोग उसी पर उठाते हैं।
एक तरफ नवाब मलिक जैसे लोग बोलते हैं कि पुलिस वाला अपने वर्दी का सही इस्तेमाल नहीं करता और अगर दूसरी तरफ कोई ऑफिसर कर रहा है,तो नवाब मलिक जैसे लोग ही सबसे पहले उस पर उंगली उठाते हैं। कब तक एक कुर्सी पर बैठा नेता देश के ऑफिसर को टारगेट करता रहेगा। ड्रग्स मामले की कार्रवाई अब ना सिर्फ एक जांच बन के रह गई है बल्कि यह सियासी घमासान का भी रूप ले लिया है।

एक मामूली सा नेता हमारे देश के उस अफसर पर उंगली उठा रहे हैं जिसका 15 वर्षों का रिकॉर्ड एकदम साफ सुथरा है।जो कि अब तक ना केवल अपने काम को सिर्फ किया है बल्कि पूरी इमानदारी, मेहनत तथा अपनी सच्चाई से अपने पोस्ट का इस्तेमाल किया है,और यही वजह है की भ्रष्टाचारी लोग पूरी तरह से कोशिश कर रहे हैं, कि उनको उनके पद से हटा दिया जाए।

वैसे नेताजी खुद तो बिना मेहनत किए कुर्सी पर बैठ गए हैं,तो बुद्धि की उम्मीद तो वैसे भी उनसे करना बेवकूफी है। तभी तो उनका दिमाग कम और मुंह आजकल ज्यादा चल रहा है। अगर किसी भी ऑफिसर का टारगेट सिर्फ पैसा वसूली करना ही होता।तो किसी अभिनेता के बेटे को दुनिया के सामने नहीं लाता और ना ही इतने दिनों से कस्टडी में रखता।
हालांकि नवाब मलिक ना सिर्फ समीर वानखेड़े के चरित्र पर उंगली उठा रहे हैं बल्कि उन्होंने देश के न्यायपालिका प्रणाली पर भी एक तरह से सवाल खड़ा किया है, क्योंकि आर्यन खान अगर दोषी नहीं होता तो वह कोर्ट से सीधा अपने घर जाता ना कि उसकी बार-बार जमानत रद्द होती।

नवाब मलिक जैसे नेता अगर देश में बैठे हो तो क्या खाक तरक्की करेगी देश। जिनके खुद के सर्टिफिकेट का तो अता-पता होता नहीं। हालांकि मुफ्त में मिली कुर्सी पर बैठकर लोगों के कैरेक्टर सर्टिफिकेट काफी अच्छे से बनाते हैं।
ऐसे नेताओं को सिर्फ यह बोलना चाहूंगी कि आप आज जहां हो वहां खुद के बलबूते पर नहीं गए आम जनता वहां पहुंचाईं है और अगर आम-जनता चाहे तो वहां से सीधे नीचे भी गिरा सकती है।

पर जिस पर आप उंगली उठा रहे हो जो एनसीबी का एक ईमानदार और सच्चाई का साथ देने वाला ऑफिसर है, जो किसी के बलबूते पर पद हासिल नहीं किया है,बल्कि अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यहां तक पहुंचा है और अभी समीर वानखेड़े के साथ पूरी देश खड़ी है। इसलिए अपने छोटे से दिमाग को ज्यादा कष्ट ना दें, और समीर वानखेड़े को अपना काम करने दें। आर्यन खान के लिए उसका परिवार है। आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप अपने सेहत पर ध्यान दें।

क्योंकि नवाब मलिक जहां समीर वानखेड़े के बर्थ सर्टिफिकेट पर सवाल उठा रहे हैं, तो मलिक साहब जनता कही आपका बर्थ सर्टिफिकेट न बना दे। भारत की जनता सच और झूठ अच्छे से पहचानती है। जांच पर सियासी घमासान क्यों? समीर वानखेड़े की ईमानदारी से नवाब मलिक को क्यों हो रही तकलीफ। ऐसी कौन सी वजह पड़ गई है नवाब मलिक को, जो अपराधियों का बचाव करना पड़ रहा है। क्यों समीर वानखेड़े को टारगेट कर रहे हैं, नवाब मलिक। ईमानदार ऑफिसर की इमानदारी पर शक कर रहे नेता। आखिर कब तक और कितने समीर वानखेड़े को देना होगा अग्निपरीक्षा।

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