सिगरा स्थित रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर पहुंचे पीएम मोदी ने युवाओं को लेकर कही ये बाते.

पीएम मोदी इन दिनों अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत सिगरा स्थित रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर पहुंचे है, बता दें कि यहां प्रधानमंत्री मोदी तीन दिवसीय अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन करेंगे. इससे पहले उन्होंने ‌‌एलटी कॉलेज के अक्षय पात्र किचन का उद्घाटन किए, मोदी जी के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस दौरान मौजूद थे.

अपने भाषण में पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल आधार, शिक्षा को संकुचित सोच के दायरों से बाहर निकालना और उसे 21वीं सदी के आधुनिक विचारों से जोड़ना है.आगे पीएम ने कहा ये समागम आज ऐसे समय हो रहा है, जब देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है.

अमृत काल में देश के अमृत संकल्पों को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी हमारी शिक्षा व्यवस्था और युवा पीढ़ी पर है. काशी को भी मोक्ष की नगरी इसलिए कहते हैं, क्योंकि हमारे यहां मुक्ति का एकमात्र मार्ग ज्ञान को ही माना गया है. इसलिए शिक्षा और शोध का, विद्या और बोध का मंथन, जब सर्व विद्या के प्रमुख केंद्र काशी में होगा, तो इससे निकलने वाला अमृत अवश्य देश को नई दिशा देगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम केवल डिग्री धारक युवा तैयार न करें, बल्कि देश को आगे बढ़ने के लिए जितने भी मानव संसाधनों की जरूरत हो, हमारी शिक्षा व्यवस्था वो देश को दे. इस संकल्प का नेतृत्व हमारे शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को करना है. कोरोना की इतनी बड़ी महामारी से हम न केवल इतनी तेजी से उबरे, बल्कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं.

आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम हैं. स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में जहाँ पहले केवल सरकार ही सब करती थी वहां अब प्राइवेट प्लेयर्स के जरिए युवाओं के लिए नई दुनिया बन रही है.

देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए भी जो क्षेत्र पहले बंद हुआ करते थे, आज वो सेक्टर बेटियों की प्रतिभा के उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं. नई नीति में पूरा फोकस बच्चों की प्रतिभा और चॉइस के हिसाब से उन्हें स्किल्ड बनाने पर है. हमारे युवा स्किल्ड हों, कन्फिंडेंट हों, प्रैक्टिकल और कैल्कुलेटिव हो, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है.

अंत में पीएम ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए देश के एजुकेशन सेक्टर में एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम हुआ है. आज देश में बड़ी संख्या में नए कॉलेज खुल रहे हैं, नए विश्वविद्यालय खुल रहे हैं, नए IIT और IIM की स्थापना हो रही है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति अब मातृभाषा में पढ़ाई के रास्ते खोल रही है. इसी क्रम में, संस्कृत जैसी प्राचीन भारतीय भाषाओँ को भी आगे बढ़ाया जा रहा है.

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