राघव चड्ढा वाली सीट पर किसकी होगी जीत ?

आम आदमी पार्टी का चलेगा जादू, कांग्रेस के पंजे पर लगेगी मुहर या फिर खिलेगा भाजपा का कमल। आइए आज बात करते हैं देश की राजधानी दिल्ली में होने वाले विधानसभा उपचुनाव की. यह उपचुनाव हो रहा है अब राज्यसभा सांसद बन चुके आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा की सीट राजेंद्र नगर दिल्ली में।

दिल्ली में जहां एक ओर गर्मी सितम ढा रही है. तो वहीं दूसरी ओर इन दिनों राजेंद्र नगर विधानसभा उपचुनाव की तारीख की घोषणा के बाद सियासी पारा भी बढ़ गया है. हर कोई अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहा है।

एक तरफ आम आदमी पार्टी का कहना है कि काम किया है और जीतने कि पूरी उम्मीद हैं. वहीं दूसरी ओर बीजेपी और कांग्रेस का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने कोई भी काम नहीं किया है।दोनों ही पार्टियां अपनी जीत की दावेदारी पेश कर रही हैं.

बता दें कि राजेंद्र नगर विधानसभा में 23 जून को उपचुनाव होने हैं. 26 जून को परिणाम घोषित किए जाएंगे. यह सीट आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा को राज्यसभा भेजने के बाद खाली हुई है.राजेंद्र नगर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही यहां चुनाव का बिगुल बज गया है।

अलग-अलग राजनीतिक दल अपने-अपने सियासी धुरंधरों को उपचुनाव में उतारने की तैयारियों में जुट गए हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी इन तीन प्रमुख दलों का ही दबदबा उपचुनाव में होगा। पिछले 27 सालों मे इस विधानसभा में हुए चुनावों का परिणाम बताता है कि इस सीट पर कभी बीजेपी का दबदबा हुआ करता था, लेकिन पूर्वांचलियों की संख्या बढ़ने के बाद बीजेपी का दबदबा कम हुआ है। पिछले दो बार से इस सीट से आम आदमी पार्टी ही जीत रही है।

आपको बता दें कि दो वर्गों के हाथ में है जीत का परिणाम।यहां दो तबकों की संख्या अधिक है, जिसमें पंजाबी व सिख हैं। इनके वोटर्स की संख्या करीब 65 फीसदी हैं, लेकिन पूर्वांचली वोटरों को भी इसमें शामिल कर दिया जाए, तो लगभग आंकड़ा 66 फीसदी हो जाता है।

ऐसे में उपचुनाव में जीत की चाबी इनके ही हाथों में है। वैसे इस विधानसभा में मिक्स्ड एरिया है। कई पॉश इलाके, जिसमें पांडव नगर, पटेल नगर, राजेंद्र नगर, पूसा इंस्टिट्यूट, करोल बाग आदि शामिल हैं। इसके अलावा यहां कई जेजे कॉलोनी भी है, जिसमें इंद्रपुरी जेजे कॉलोनी है। साथ ही नारायाणा लोहा मंडी इंडस्ट्रियल एरिया में शुमार है। दसघरा, टोडापुर सहित कुछ गांव भी इसका हिस्सा हैं।

1993 से लेकर 2020 तक इस विधानसभा सीट पर 7 बार चुनाव हुए हैं, जिसमें 4 बार भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मारी है। 1993 में पहली बार बीजेपी के पूरनचंद योगी ने कांग्रेस के ब्रह्म यादव को मात दी थी। दूसरी बार 1998 में बीजेपी के पूरनचंद त्यागी ने कांग्रेस छोड़ चुके निर्दलीय प्रत्याशी ब्रह्म यादव को मात दी थी।

2008 में पहली बार कांग्रेस के रमाकांत गोस्वामी ने बीजेपी की आशा योगी को हरा जीत दर्ज की थी। 2013 में बीजेपी के आरपी सिंह ने पहली बार आई आम आदमी पार्टी के विजेंद्र गर्ग को हराया। दो साल बाद ही हुए चुनाव में विजेंद्र गर्ग ने बीजेपी के आरपी सिंह को हराया। 2020 में आम आदमी पार्टी ने फिर यह सीट अपने नाम कर ली।

 

Leave a Reply