मां सरस्वती की पूजा अर्चना करने के लिए कौन सी मुहूर्त है, सबसे शुभ।

बसंत पंचमी का त्योहार शनिवार यानी कि आज मनाई जा रही है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, यह पर्व माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। पंचमी तिथि शुरू होगी शनिवार के प्रातःकाल 3:45 से और तब से लेकर 6 फरवरी के प्रातःकाल 3:46 तक रहेगी।

बसंत पंचमी के दिन पूजा करने के लिए सबसे शुभ समय सुबह के 6:50 से लेकर दिन के 12:00 बजे तक का सबसे शुभ और उत्तम मुहूर्त है।इस बार बसंत पंचमी के दिन उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र व सिद्ध नामक योग मिलेगा। जिससे 3 ग्रहों का योग निर्मित हो रहा है।

शुभ योग्य की वजह से शादियों के साथ मां सरस्वती की पूजा भी होगी। इस बार के बसंत पंचमी ना केवल शुभ है, बल्कि सर्वश्रेष्ठ भी है।

जैसा कि हम सभी जानते हैं। मान्यता है, कि बसंत पंचमी के दिन से बसंत ऋतु का आगमन होता है तथा शीत ऋतु का समापन होता है।

पूजा करने का जो सबसे शुभ मुहूर्त है, पूजा यदि उसी मुहूर्त में की जाए तो उससे बेहतर कुछ भी नहीं होता है। मां सरस्वती ना केवल प्रसन्न होगी बल्कि आप पर उनकी कृपा सदैव बनी रहेगी। आपके जीवन में बुद्धि, ज्ञान, विवेक और शिक्षा की कभी कमी नहीं होगी।

पूजा करते वक्त ये भी ध्यान रखिए की पूजा पूरे विधि-विधान से ही हो रही है, क्योंकि पूजा में यदि कोई भी चूक आपसे होती है, तो उसके दुष्परिणाम भी आपको मिल सकते हैं।


आज का दिन विद्यार्थियों के लिए सबसे खास होता क्योंकि आज विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती का दिन है,इसलिए विद्यार्थियों को मां सरस्वती का पूजा अवश्य करनी चाहिए |

वसंत ऋतु के आगमन भर से ही चारों तरफ हरियाली छा जाती है तथा धरती हरा भरा होकर झूम उठता है। खेतों में लगे सरसों के पीले फूल हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।

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