बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में आए पाकिस्तानी मौलाना…..

इन दिनों भारतीय जनता पार्टी से निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा को लेकर पूरे देश में उनके खिलाफ प्रदर्शन जारी है। हालांकि इसी बीच एक बार फिर से नूपुर शर्मा के समर्थन में आए पाकिस्‍तानी आपको बता दें कि पाकिस्तानी मौलाना ने नूपुर शर्मा के पक्ष में कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब पर दिए गए बयान के लिए उन्हें मुस्लिमों ने ही भड़काया।

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नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्‍मद को लेकर दिए गए बयान पर ना केवल भारत में बल्कि भारत से लेकर मुस्लिम देशों में भी विरोध और प्रदर्शन हो रहा है। इस पूरे मामले में केवल नूपुर शर्मा को ही दोषी माना जा रहा है, जबकि नूपुर शर्मा के साथ उस बहस में मुस्लिम पैनलिस्‍ट तसलीम अहमद रहमानी भी शामिल थे।

लेकिन यह अलग बात है कि अहमद रहमानी को लेकर कहीं कोई बहस या विरोध नहीं हो रहा है और वही दुसरी तरफ नूपुर शर्मा के खिलाफ पुरे देश-विदेश में विरोध जारी है। हालांकि इस बीच पाकिस्‍तान के एक चर्चित मौलाना इंजीनियर मोहम्‍मद अली ने खुलकर नूपुर शर्मा का समर्थन किया है।

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मौलाना अली ने कहा कि बहस के दौरान मुस्लिम पैनल‍िस्‍ट की ओर से पहले नूपुर शर्मा को भड़काया गया और इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी की निलंबित नेता ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में टिप्‍पणी की।

पाकिस्‍तानी मौलाना ने आगे कहा कि पहला गुनहगार वह मुसलमान है ज‍िसने किसी भी धर्म के बारे में लाइव टीवी शो में बात की है। मौलाना अली ने कहा कि हमें इस पूरे विवाद में केवल एक इंसान के खिलाफ ना जाते हुए पूरे माहौल पर गौर करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि नूपुर शर्मा के बयान के अंदाज से ही आपको पता लग जाएगा कि वह केवल पलटवार कर रही है।

नूपुर शर्मा ने शुरुआत में ही साफतौर पर कहा कि अगर आप इस तरह से बात करेंगे तो हम भी ये कहेंगे। पाकिस्तान के मौलाना अली ने कहा कि यह कुरान के मुताबिक बिल्कुल नहीं है कि आप किसी के धर्म के बारे में मजाक उड़ाएं। इसके साथ उन्होंने ये भी कहा कि दूसरे धर्म के लोगों के साथ बहस करते समय हमें अपने भाषा का ध्‍यान रखना चाहिए।

मौलाना अली ने कहा क‍ि नूपुर शर्मा के विरोध में अरब देशों के लोग AC में बैठकर माहौल को भड़का रहे हैं जबकि भारत में लोग भीषण गर्मी में प्रदर्शन कर रहे हैं और पुलिस वाले उन्‍हें जवाब भी दे रहे हैं।

अली ने अपनी बात रखते हुए आगे कहते हैं कि यह एक तरह से अंतरराष्ट्रीय राजनीति है। अरब देश उनके गुलाम हैं जिनकी रूस से नहीं बनती है। इन देशों ने अरब देशों को भारत के खिलाफ भड़काने का काम किया। इससे पहले कई बड़े-बड़े मामले आए और गए हैं, जिन पर अरब देशों ने कोई प्रतिक्रिया तक नहीं दी। अब रूस को लेकर भारत पर दबाव बनाने के लिए अरब देशों को उकसाया गया है।

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