बादल फटना आखिर होता क्या है और अधिकांश अमरनाथ में ही यह हादसा क्यों होता है..

अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है. वही तकरीबन 40 लोग अब भी फंसे हुए हैं.आपको बता दें कि ये हादसा शुक्रवार शाम लगभग 5:30 बजे हुआ. बादल फटने के दौरान गुफा के आस-पास 10 से 15 हजार श्रद्दालु मौजूद थे. हालांकि फिलहाल घटनास्थल पर सेना के साथ ही एनडीआरएफ रेस्क्यू की टीम भी ऑपरेशन में जुटी हुई है.

चलिए विस्तारपूर्वक जानते हैं कि आखिर बादल फटना होता क्या है.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जब एक ही जगह पर अचानक बहुत सारा पानी गिर जाता है, तो उसे बादल फटना कहते हैं. यदि सरल भाषा में समझे तो पानी से भरे गुब्बारे में यदि कोई नुकीली चीज चुभा दे तो गुब्बारे का सारा पानी एक ही जगह पर पूरी रफ्तार से गिरेगा. ठीक इसी प्रकार यदि बादल जब एक ही जगह बहुत सारा पानी गिरा दे, तो उसे बादल का फटना कहते हैं.

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अब एक नजर डालते हैं कि भारत में बादल फटने की घटनाएं कब कब हो चुकी है.

1. 26 नवंबर 1970 – हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से एक मिनट में 1.5 इंच बारिश हुई थी, इसमें कई लोगों की जान चली गई थी.

2. 6 अगस्त 2010 – जम्मू-कश्मीर के लेह में बादल फटने से एक मिनट के अंदर 1.9 इंच बारिश हुई, इसने भारी तबाही मचाई.

3.16 जून 2013 – केदारनाथ धाम में बादल फटने से तेज बारिश हुई, इससे वहां ऊपरी इलाके में मौजूद ग्लेशियर फट गया. तेज बारिश और भूस्खलन के बाद ढलान में तेजी से बढ़ते मलबे ने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज तबाह कर दी, इस हादसे में करीब 6 हजार लोग मारे गए थे.

4. 11 मई 2016 : शिमला के पास सुन्नी में बादल फटा, इससे भारी तबाही मची थी.

5. 14 अगस्त 2017- पिथौरागढ़ के पास मांगती नाला में फटने से 4 लोगों की मौत हो गई थी.

6. फरवरी, 2021 – फरवरी में चमोली में ग्लेशियर फटने की वजह से धौलीगंगा नदी में बाढ़ आ गई थी, 54 शव बरामद किए गए थे और सैकड़ों की संख्या में लोग लापता हो गए थे.

7. 24 अप्रैल, 2021 – उत्तराखंड के चमोली जिले के नीती घाटी के सुमना में बर्फबारी के बाद ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही हुई.

8. 8 जुलाई 2022 दिन शुक्रवार- अमरनाथ गुफा के पास.

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